Saturday, October 10, 2009
Tuesday, April 28, 2009
विश्वास की कविता
पृथ्वी और सूर्य विश्वास की कविता है
सदियों से सदियों तक इक ही तो पृथ्वी है इक ही तो सूर्य
सदियों से सदियों तक इक ही तो पृथ्वी है इक ही तो सूर्य
Tuesday, February 3, 2009
जो पढ़ा अभी अभी
इन दिनों पोलो कोहेलो के अल्क्समिस्त को पढ़ रही हूँ वे कहते है यदि आप कुछ करना चाहते है तो सारी दुनिया की ताकते आपके साथ हो जाती है
Thursday, January 29, 2009
Wednesday, January 28, 2009
Saturday, January 3, 2009
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