Saturday, November 29, 2008

मुंबई धमाके

इक् तरह की खीज हो रही है इतना बड़ा हमला हो गया और हमे भनक तक नही थी
अब उस पर राजनीती होगी चर्चा होगी और कुछ दिन बाद सब शांत
इसे क्या कहे .....कोई भी आए और हम पर सवार हो जाए
क्या यह समय कड़े कदम उठाने का नही है ? हम कब तक और क्यों चुप रहते है?

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